होलसेल रेट
हर सामान के लिए बिक्री मूल्य और MRP के साथ होलसेल रेट भी रखें।
होलसेल
बड़े ऑर्डर, अलग-अलग ख़रीदारों के अलग रेट और लंबी उधार अवधि — सब एक ही खाते में।
आपको क्या मिलता है
हर सामान के लिए बिक्री मूल्य और MRP के साथ होलसेल रेट भी रखें।
नियमित ख़रीदारों के ख़ास रेट सेव करें — उनके बिल पर वे अपने-आप लग जाते हैं।
कोटेशन भेजें, और ख़रीदार के कन्फ़र्म करते ही एक क्लिक में उसे टैक्स इनवॉइस में बदलें।
इनवॉइस पर ड्यू डेट सेट करें और हर ख़रीदार का बकाया देखें।
जो सामान एक से ज़्यादा यूनिट में चलता है, उसके लिए वैकल्पिक यूनिट (जैसे डिब्बा और पीस) दर्ज करें।
हर ख़रीद और बिक्री से स्टॉक अपने-आप बदलता है, हर सामान का चालू खाता रहता है।
13
दस्तावेज़ के प्रकार
6
इनवॉइस थीम
3
GST रिटर्न
4
भाषाएँ
सवाल-जवाब
हाँ। आइटम पर और पूरे बिल पर छूट जोड़ें; GST अपने-आप दोबारा गिना जाता है।
हाँ। अपनी चुनी हुई इनवॉइस थीम में कोटेशन PDF डाउनलोड या प्रिंट करें।
हाँ। B2B बिल के लिए ख़रीदार का GSTIN जोड़ें; GSTR-1 में B2B और B2C अपने-आप अलग हो जाते हैं।
मोबाइल नंबर से साइन अप करें और मिनटों में पहला इनवॉइस बनाएँ।